Sanskrit translation of chapter 15 प्रहेलिका in hindi class 8

प्रहेलिका पाठ का परिचय पहेलियाँ मनोरंजन का एक प्राचीन विद्या (तरीका) है। ये लगभग संसार की सभी भाषाओं में उपलब्ध् हैं। संस्कृत के कवियों ने इस परम्परा को अत्यन्त समृद्ध किया है। पहेलियाँ हमें आनन्द[…]

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Sanskrit translation of chapter 14 आर्यभटः in hindi class 8

आर्यभटः पाठ का परिचय भारतवर्ष की अमूल्य निधि है ज्ञान-विज्ञान की सुदीर्घ परम्परा। इस परम्परा को सम्पोषित करने वाले प्रबुद्ध मनीषियों में अग्रगण्य थे-आर्यभट। दशमलव प(ति का प्रयोग सबसे पहले आर्यभट ने किया, जिसके कारण[…]

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Sanskrit translation of chapter 13 हिमालयः in hindi class 8

हिमालयः पाठ का परिचय यह पाठ महाकवि कालिदास द्वारा लिखित ‘कुमार सम्भव’ नामक महाकाव्य के प्रथम सर्ग से लिया गया है। इन पद्यों में हिमालय की प्राकृतिक सुषमा का वर्णन किया गया है।   (क)[…]

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Sanskrit translation of chapter 12 कः रक्षति कः रक्षितः in hindi class 8

कः रक्षति कः रक्षितः पाठ का परिचय यह पाठ पर्यावरण पर केन्द्रित है। प्लास्टिक पर्यावरण के लिए घातक है, लेकिन इसका हमारे जीवन में इस सीमा तक प्रवेश हो चुका है कि इसके बिना दैनिक[…]

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Sanskrit translation of chapter 11 सावित्री बाई फुले in hindi class 8

 सावित्री बाई फुले पाठ का परिचय   शिक्षा हमारा अधिकार है। हमारे समाज के कई समुदायों को, जो लम्बे समय तक इससे वंचित रहे, इस अधिकार को पाने के लिए लम्बा संघर्ष करना पड़ा। इसकी प्राप्ति[…]

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Sanskrit translation of chapter 10 अशोक वनिका in hindi class 8

अशोक वनिका पाठ का परिचय  यह पाठ आदि कवि वाल्मीकिकृत रामायण के सुन्दरकाण्ड के पन्द्रहवें सर्ग से लिया गया है। हनुमान जी सीता जी की खोज में जब लंका में प्रवेश करते हैं तो वहाँ[…]

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Sanskrit translation of chapter 9 सप्तभगिन्यः in hindi

सप्तभगिन्यः पाठ का परिचय सप्तभगिनी-यह एक उपनाम है। उत्तर-पूर्व के सात राज्य विशेष को उक्त उपाधि दी गई है। इन राज्यों का प्राकृतिक सौन्दर्य अत्यन्त विलक्षण है। इनकी सांस्कृतिक और सामाजिक विशेषता को ध्यान में[…]

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Sanskrit translation of chapter 8 संसारसागरस्य नायकाः in hindi

संसारसागरस्य नायकाः पाठ का परिचय यह पाठ अनुपम मिश्रा द्वारा लिखित ‘आज भी खरे हैं तालाब’ में संकलित ‘संसार सागर के नायक’ नामक अध्याय से लिया गया है। लेखक ने यहाँ पानी के लिए मानव निर्मित[…]

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Sanskrit translation of chapter 6 प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा in hindi class 8

प्रेमलस्य प्रेमल्याश्च कथा पाठ का परिचय प्रस्तुत कहानी शिक्षाविद् गिजु भाई (1885-1939) की रचना ‘पेमला पेमली की कहानी’ का अनुवाद है। इस कहानी में एक महिला घरेलू कामों को पूरा करने की अपनी पारम्परिक भूमिका[…]

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Sanskrit translation of chapter 7 जलवाहिनी in hindi class 8

जलवाहिनी पाठ का परिचय यह गीत भोजपुरी लोकगीत का अनुवाद है। इसमें गाँव की पानी भरने वाली स्त्राी का चित्राण किया गया है। कुएँ से घड़े में जल भरकर लाते समय उसके मन में आने[…]

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Sanskrit translation of chapter 5 धर्मे धमनं पापे पुण्यम in hindi class 8

धर्मे धमनं पापे पुण्यम पाठ का परिचय यह कथा पंचतंत्र की शैली में लिखी गई है। यह लोककथा मध्यप्रदेश के डिण्डोरी जिले में परधानों के बीच प्रचलित है। इस कथा में बताया गया है कि[…]

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Sanskrit translation of chapter 4 सदैव पुरतो निधेहि चरणम  in hindi class 8

सदैव पुरतो निधेहि चरणम  पाठ का परिचय श्रीधरभास्कर वर्णेकर ने अपने इस गीत में चुनौतियों को स्वीकार करते हुए आगे बढ़ने का आह्नान किया है। श्रीधर राष्ट्रवादी कवि हैं जिन्होंने इस गीत के द्वारा जागरण[…]

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Sanskrit translation of chapter 2 दुर्बुद्धि: विनश्यति in hindi class 7

Chapter-दुर्बुद्धि: विनश्यति            Chapter-सुभाषितानि दुर्बुद्धि: विनश्यति अस्ति मगधदेशे फुल्लोत्पलनाम सर: ‍। तत्र संकटविकटौ हंसैौ निवसत: । कम्बुग्रवनामक: तयो: मित्रम् एक: कूर्म: अपि तत्रैव प्रतिवसति स्म । अथ एकदा धीवरा: तत्र आगच्छन् । ते अकथयन्[…]

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Sanskrit translation of chapter 3 भगवदज्जुकम in hindi

भगवदज्जुकम पाठ का परिचय भगवदज्जुकम् संस्कृत का एक प्रसिद्ध प्रहसन है। इसकी रचना बोधयन द्वारा की गई है। इसमें एक गणिका जिसका नाम वसन्तसेना है अपनी परभृतिका नामक सेविका के साथ उद्यान में विहार के लिए आती[…]

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Sanskrit translation of chapter 2 बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता in hindi

बिलस्य वाणी न कदापि मे श्रुता पाठ का परिचय प्रस्तुत पाठ संस्कृत के प्रसिद्ध कथाग्रन्थ ‘पञ्चतन्त्रम्’ के तृतीय तंत्र ‘काकोलूकीयम्’ से संकलित है। पञ्चतंत्र के मूल लेखक विष्णुशर्मा हैं। इसमें पाँच खण्ड हैं जिन्हें ‘तंत्र’[…]

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Sanskrit translation chapter सूभाषितानि class 8 in hindi

सूभाषितानि पाठ का परिचय  ‘सुभाषित’ शब्द सु + भाषित दो शब्दों के मेल से बना है। सु का अर्थ है- सुन्दर, मधुर और भाषित का अर्थ है- वचन। इस प्रकार सुभाषित का अर्थ है- सुन्दर/मधुर[…]

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